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Saturday, May 20, 2017

importance of amavasya

                                                  अमावस्या का महत्व


अमावस्या क्या है ? और इसका क्या महत्व है ? अमावस्या को कौन से धार्मिक उपाय करना चाहिए  जिनसे मनुष्य के जीवन में आने वाली रुकावटें दूर हों और वह अपने जीवन के सुखों से वंचित न रहे | 

 

विवाह , संतान , धन प्राप्ति ये सभी मनुष्य के  गृहस्थ जीवन में होना आवश्यक है | परन्तु  मनुष्य द्वारा किये गए पाप दोषों के कारन मनुष्य इन सभी सुखों से वंचित रह जाता है | यह पाप दोष मनुष्य को किस प्रकार लगते हैं इसकी जानकारी होना अति आवश्यक है | 



कई बार पुत्र के द्वारा माता पिता की सेवा में हुई लापरवाही या उनके अपमान किये जाने से और पुत्र द्वारा दिए गए कष्ट से माता पिता की मृत्यु हो जाने से यह पाप दोष लग जाते हैं |  कई बार विभिन्न त्यौहारों  और पूजा हवन में पितृ  देव   अर्थात पूर्वजों का आवाहन न किये जाने  तथा  उनका सम्मान न किये जाने पर भी पितृ  देवों   द्वारा श्राप लग जाने से भी जीवन में दुःख आते हैं | 




तो इन सभी दोषों से मुक्ति पाने हेतु उपाय अमावस्या को किये जाते हैं | पितृ दान और गरीबों को भोजन कराना और भी बहुत से उपाय अमावस्या को किये जाते हैं  ताकि पितृ देव प्रसन्न हों और आशीर्वाद प्रदान करें | 

 

अक्सर लोग मंदिरों में पूजा पाठ करते रहते हैं परन्तु फिर भी कष्ट से मुक्त नहीं हो पाते | क्योंकि हरेक पूजा पाठ का फल पितृ देवों के द्वारा ही प्राप्त होता है |  इसलिए प्रत्येक  अमावश्या को  पितृ दान करके पितृ देवों को तृप्त किया जाता है |  धन- धान्य की प्राप्ति  रुके  हुए सभी कार्य पूर्ण होने लगते हैं | 



अमावश्या के दिन गरीबों को भोजन भी करवाया जा सकता है |  या घर से भोजन बना कर और पैक करके घर से बाहर जाकर गरीब बच्चे , बूढ़े और गरीब स्त्रियों को भी भोजन दिया जा सकता है | 



इसके अलावा  सूखा आटा , कच्चा चावल और चीनी साथ में कुछ पैसे भी रख कर किसी गरीब को दे देना चाहिए |  जिस  गरीब व्यक्ति को   ज्यादा आवश्यकता हो उसको देकर तृप्त करना चाहिए |  साथ ही घर में कोई बुजुर्ग हो तो उसकी निःस्वार्थ भावना  से सेवा करनी चाहिए |  इन सभी उपायों  से  पितृ दोष का भय नहीं रहता और   किसी  भी  काम में  रूकावट नहीं आ पाती |