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Monday, June 23, 2014

shanti ki or



                                                                   शांति की ओर       


आजकल रोज नयी घटनाएँ समाचार में दिखाई जाती हैं | और हम सोच में पड़ जाते हैं  की ऐसा क्यों हो रहा है | इतनी बर्बरता, क्रूरता, अमानवीय व्यवहार बढ़ता ही जा रहा है | और ये सब बढ़ ही रहा है | चारों तरफ अशांति ही अशांति फैलती जा रही है| 



कुछ लोग सोचते हैं |  भगवान पता नहीं कब आएँगे |   कब इन दुष्ट लोगो को सज़ा देंगे औरमानवता की रक्षा करेंगे |  सदियों पहले देवी देवताओं ने कई अवतार ले कर असूरों का संहार किया |   और आज ऐसा होता नज़र नहीं  आता | सृष्टि जब से प्रारंभ हुई है  तभी से देवता और दैत्य दोनों का वास इस धरती पर रहा है |  मनुष्य इन दोनों देवता और दैत्य में से जिसके भी आचरण को ज़्यादा अपनाता है |  उसी प्रकार का वातावरण बन जाता है | 



 यदि पृथ्वी पर प्रत्येक व्यक्ति दिन भर में १-४ बार भी ईश्वर का जाप करे या सामूहिक रूप से  एकत्र हो कर मंत्रोच्चार करे तो देवीय शक्ति अवश्य जागृत होगी जन-जन में शक्ति का संचार होगा | चारों तरफ सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगेगा |  और जब सभी देवत्व स्वरूप आचरण अपनाएँगे तो असुर और दैत्य शक्ति कमजोर पड़ जाएगी | और मनुष्य के मस्तिस्क पर कोई भी ताम्सिक शक्तियाँ प्रभावी नहीं हो पाएँगी | क्योंकि हमारा समस्त ब्रह्मांड वैज्ञानिक आधार पर ही चल रहा है | मनुष्य अपनी भौतिक आँखो से इस भौतिक संसार को ही देख पाता उस से परे और कुछ भी देखने और समझने की क्षमता एक साधारण मनुष्य में नहीं होती